मयखानो में ही मिलती है एक तबायफ को इज़्ज़त
जहाँ दिमाग़ का गुरुर बेबस होता है वरना कौन तबायफ को इज़्ज़त देता है
इज़्ज़तदार ही तो शायद मयखानो में मिलते हैँ
मयखानो में ही मिलती है एक तबायफ को इज़्ज़त
जहाँ दिमाग़ का गुरुर बेबस होता है वरना कौन तबायफ को इज़्ज़त देता है
इज़्ज़तदार ही तो शायद मयखानो में मिलते हैँ